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जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के पद हेतु विज्ञापन एवं आवेदन प्रपत्र

युद्ध विधवा छात्रावास में प्रवेश हेतु आवेदन पत्र एवं शपथ पत्र

सूचना का अधिकार प्रपत्र
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गौरव सेनानियों / वीरांगनाओं / आश्रितों को देय पेंशन लाभ

            नवीनतम आदेशानुसार, सभी रैंकों की पुननिरीक्षित पेंशन, वर्तमान मूल वेतन का 50 प्रतिशत तथा सैनिक की मृत्यु होने के बाद उसके पति का मूल वेतन का 30 प्रतिशत के बराबर होगा। एक विधवा को मिलने वाले मासिक पारिवारिक पेंशन रूपये 1275/- से कम नहीं होगी।

पेंशन हेतु आवश्यक सेवा काल - सेना में निम्नलिखित सेवाकाल पूर्ण करने के उपरान्त ही पेंशन देय होती है -

आफिसर     20 वर्ष

अन्य रैंक    15 वर्ष

एन सी ई    20 वर्ष

पेंशन के प्रकार -

आम तौर पर उपरोक्त सेवा अवधि पूर्ण होने पर एक सैनिक को उसके द्वारा आहरित अंतिम 10 महीनों के औसत मूल वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन प्राप्त होती है। जिस पर महंगाई राहत भी समय-समय पर देय है। भारत सरकार वित्त मंत्रालय के पत्र संख्या 275/92/2003/आई.टी.सी. (पी) दिनांक 25 मार्च 2005 के अनुसार पारिवारिक पेंशन वेतन की श्रेणी में नही आता हे। अतः पारिवारिक पेंशन पर वितरण के समय, बैंकों / कोषागारों द्वारा कोई कर नहीं काटा जायेगा। सैनिक विधवाओं को आम तौर पर निम्न प्रकार की पेंशन प्राप्त होती है -

सामान्य पारिवारिक पेंशन

सैन्य सेवा के दौरान बिना सैनिक कारणों से मृत्यु होने पर सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन प्राप्त सैनिक की मृत्यु होने पर उसकी विधवा को पेंशन मिलेगी। पेंशन की दर 1.1.96 से सैनिक के पद के वर्तमान मल वेतन का 30 प्रतिशत या न्यूनतम 1275 जो भी अधिक हो, देय होगी। पेंशनर की पत्नी न होने की दशा में पुत्र या पुत्री 25 साल उम्र तक या पुत्री की शादी होने तक, जो भी पहले हो, पेंशन प्राप्त होगी। वारिस के रूप में केवल माता पिता हों, तो उन्हें भी पारिवारिक पेंशन की पात्रता है। अगर पुत्र या पुत्री विकलांग हो और अपनी जीविका कमाने में सर्वथा असमर्थ हो तो उन्हें जीवनपर्यन्त पेंशन पाने की पात्रता होगी।

उदारीकृत पारिवारिक पेंशन

सैन्य सेवा के दौरान युद्ध एवं युद्ध जैसी स्थिति में सैनिक की मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को निम्न पेंशन प्राप्त होगी, जो आयकर से मुक्त है -

विधवा

सैनिक द्वारा अंतिम आहरित वेतन के बराबर जीवनपर्यन्त पेंशन अनुमन्य है बशर्ते वह अपने बच्चों की देखभाल करती हो। यदि पुनर्विवाह के उपरान्त बच्चों की देखभाल नहीं करती है तो उन्हें साधारण पारिवारिक पेंशन मिलेगी, जो 30 प्रतिशत के बराबर होगी।

बच्चे 

यदि शहीद सैनिक की विधवा नहीं है और केवल बच्चे हैं, उन्हें उदारीकृत पेंशन की 60 प्रतिशत धनराशि पेंशन स्वरूप प्राप्त होगी। यह पेंशन सबसे बड़े बच्चे को ही दी जायेगी जब तक वह 25 वर्ष का न हो जाये अथवा शादी न कर ले, उसके उपरान्त अगले बच्चे को उक्त शर्तो पर यह पेंशन अनुमन्य होगी। यदि शहीद सैनिक का विकलांग बच्चा, जो अपना जीविकापार्जन करने मे असमर्थ है, को आजीवन यह पेंशन प्राप्त होगी। विधवा व तलाकशुदा लडकी जिसकी उम्र 25 वर्ष से कम है, भी उदारीकृत पेंशन की हकदार होगी।

माता पिता

 

यदि कोई सैनिक अविवाहित हैं या जिसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी हो और बच्चे नहीं हैं, उसके माता पिता को बिना आय की सीमा ध्यान में रखते हुए उदारीकृत पेंशन का 75 प्रतिशत तक अनुमन्य होगा। यदि माता पिता में से एक ही जीवित है तो उसे उदारीकृत पेंशन का 60 प्रतिशत अनुमन्य होगी। अविवाहित मृतक सैनिकों के माता पिता को उदारीकृत पारिवारिक पेंशन एक विधवा के बराबर ही प्राप्त होगी।

विशेष पारिवारिक पेंशन

सेना के सेवा कारणों से यदि किसी सैनिक की मृत्यु युद्ध क्षेत्र के बाहर होती है तो उसके आश्रितों को उसके द्वारा आहरित अंतिम वेतन एवं भत्तों के 60 प्रतिशत या 2550 की राशि में से जो भी अधिक हो, की पेंशन अनुमन्य होगी। सैनिक विधवा की मृत्यु के पश्चात विकलांग बच्चे को आजीवन एवं विधवा / तलाकशुदा पुत्री को 25 वर्ष की आयु तक यह पेंशन अनुमन्य होगी। विधवा के पुनर्विवाह पर विशेष पारिवारिक पेंशन निम्न प्रकार दी जायेगी-

अधिकारी वर्ग

  • पुनर्विवाह के पश्चात बच्चे साथ हो या बच्चे नहीं हो तो पूरी विशेष पारिवारिक पेंशन अनुमन्य होगी।
  • यदि बच्चों की पुनर्विवाह के उपरान्त विधवा द्वारा देखभाल नहीं की जा रही है तो साधारण पारिवारिक पेंशन (30 प्रतिशत) अनुमन्य होगी। बच्चे हो तो  बच्चों को 50 प्रतिशत के बराबर विशेष पारिवारिक पेंशन प्राप्त होगी।

अन्य वर्ग

  • यदि विधवा को विशेष पारिवारिक पेंशन मिलती है तो उपरोक्त अधिकारी वर्ग को लागू नियम अनुमन्य होगें।
  • यदि माता-पिता को पेंशन स्वीकृत है तो उस दशा में निम्न नियम अनुमन्य होगें -
  • पुनर्विवाह के उपरान्त यदि बच्चे विधवा के पास हो या बच्चे न हो, तो उस दशा में 50 प्रतिशत पेंशन माता पिता को 50 प्रतिशत विधवा को अनुमन्य होगी।
  • यदि पुनर्विवाह के उपरान्त विधवा बच्चों की परवरिश नहीं करती है तो बच्चों की परवरिश माता पिता करते हैं तो उस दशा में पूरी विशेष पेंशन माता पिता को एवं साधारण पारिवारिक पेंशन विधवा को अनुमन्य होगी।

युद्ध अपंगता पेंशन

दिनांक 1 जनवरी 1996 से शत प्रतिशत युद्ध विकलांग सैनिकों को जो सेवारत है, को युद्ध अपंगता पेंशन निम्नवत अनुमन्य होगी जो आयकर से मुक्त है -

अधिकारी वर्ग -     रूपये 5200 प्रतिमाह

जे.सी.ओ -         रूपये 3800 प्रतिमाह

अन्य रैंक -         रूपये 3100 प्रतिमाह

100 प्रतिशत से कम अपंगता पर पेंशन की राशि अपंगता के प्रतिशत के अनुमन्य होगी।

निर्योग्यता पेंशन

शांतिकाल में शत प्रतिशत अपंग होने पर र्नियोग्यता पेंशन निम्नवत अनुमन्य होगी जो आयकर से मुक्त है -

अधिकारी वर्ग -     रूपये 2600 प्रतिमाह

जे.सी.ओ -         रूपये 1900 प्रतिमाह

अन्य रैंक -         रूपये 1550 प्रतिमाह

  • 100 प्रतिशत से कम अपंगता पर पेंशन की राशि अपंगता के प्रतिशत के अनुमन्य होगी।

अपनी पेंशन को डी.पी.डी.ओ. से बैंक में ट्रांसफर करवायें

और अनावश्यक परेशानियों से बचें

आजकल पेंशनरों को बैंकों में आसानी से पेंशन भुगतान की व्यवस्था है।

अधिकतर पूर्व-सैनिकों का यह तजुर्बा है कि सालाना जीवित होने संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने या कम पेंशन मिलने की स्थिति में डी.पी.डी.ओ. का स्टॉफ सहयोग नही करता और अनावश्यक परेशान करते हैं। गॉवों में रहने वाले पूर्व सैनिकों को अनावश्यक तौर पर किराया राशि और समय बरबाद करना पडता है।

अतः यथा शीघ्र अपनी पेंशन की फाईल (पी.पी.ओ) को अपने नजदीकी बैंक की शाखा में ट्रांसफर करवा लें।

सैनिक विधवा को पुनर्विवाह करने पर पेंशन

अब यदि सैनिक विधवा पुनर्विवाह कर लेती है, तब भी वह फैमिली पेंशन पाने की अधिकारी बनी रहेगी।

यदि वह पुनर्विवाह के पश्चात अपनी पहली वाली संतान को अपने साथ रखकर उनका पालन पोषण करती है तो वह पूरी स्पेशल और लिबरलाईज्ड पेंशन की अधिकारी बनी रहेगी। यदि पूर्व पति के बच्चों को अपने साथ नही रखती है तो स्पेशल लिबरल पेंशन कम मिलेगी।

समान रैंक समान पेंशन की स्वीकृति

लम्बे अरसे से चली रही समान रैंक केन्द्र सरकार ने 1.1.96 से पूर्व के सेवानिवृत्त सैनिकों (अन्य रैंक) की पेंशन में संशोधन कर दिया है। इस स्वीकृति में सिपाही को 8 साल, नायक को 6 साल और हवलदार को 4 साल का वेटेज देते हुए पेंशन में बढोतरी की घोषणा की है।

इस वृद्धि का एरियर का भुगतान नहीं किया जायेगा। भुगतान 1.1.2006 से करने संबंधी आदेश पेंशन भुगतान कार्यालय और बैंकों को जारी कर दिए गए हैं।

सभी अन्य रैंक के पूर्व सैनिकों को बढी हुई पेंशन का भुगतान अपने बैंक या डी.पी.डी.ओ. से प्राप्त करने हेतु सम्पर्क करना चाहिए।

 

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