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जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के पद हेतु विज्ञापन एवं आवेदन प्रपत्र

युद्ध विधवा छात्रावास में प्रवेश हेतु आवेदन पत्र एवं शपथ पत्र

सूचना का अधिकार प्रपत्र
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5.1 नियोजन

5.2 प्री-कारिगल शहीदों (31.3.1999 से पूर्व) के परिजनों को सुविधाए

5.3 शैक्षणिक सुविधायें

5.4 इंदिरा गॉंधी नहर परियोजना क्षेत्र में भूमि आवंटन

5.5 युद्ध विधवा छात्रावास एवं पुनर्वास केन्द्र, जयपुर

5.6 कोटा जिले में कोचिंग हेतु छात्रावास की व्यवस्था

5.7 गौरव सेनानियों की रैलियॉं

5.8 गृह कर में छूट

5.9 गैलेण्ट्री अवार्ड को सुविधायें

 

 

5.1 नियोजन (Top)

राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान सिविल सेवा (भूतपूर्व सैनिकों का आमेलन) नियम, 1988 जारी कर अधिनस्थ एवं तृतीय श्रेणी सेवा वर्ग में 12.5 प्रतिशत तथा चतुर्थ श्रेणी सेवा वर्ग में 15 प्रतिशत का आरक्षण निर्धारित कर रखा है। उक्त नियमों के अन्तर्गत आरक्षित रिक्तियों को अगले भर्ती वर्ष तक कैरी फारवर्ड का प्रावधान भी है। राज्य सरकार द्वारा उक्त नियमों में संशोधन कर अप्रैल 1996 से समस्त नियुक्ति प्राधिकारियों को उक्त नियमों के अन्तर्गत चयन प्रक्रिया अपनाने हेतु अधिकृत किया गया है। उक्त नियमों के अन्तर्गत नियुक्ति प्राधिकारियों द्वारा जारी रिक्तियों के विरूद्ध निर्धारित प्रपत्र पर पात्रता के आधार पर आवेदन किया जा सकता है। रिक्तियों का विज्ञापन समाचार पत्रों में प्रकाशित करवाया जाता है एवं संबंधित जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

 

 

5.2 प्री-कारिगल शहीदों (31.3.1999 से पूर्व) के परिजनों को सुविधाए (Top)

(क)   कृषि भूमि का आवंटन - 31.3.1999 से पूर्व विभिन्न युद्धों एवं ऑपरेशनों में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों को 10000 रूपये नकद एवं 25 बीघा सिंचित भूमि आवंटन का प्रावधान है। आवेदन के लिए अपने जिले के जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त कर बैटल कैजुअलिटी रिपोर्ट संलग्न करते हुए आवेदन पत्र जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है।

(ख)   शहीदों के परिजनों को नियोजन- वर्ष 1971 से 31.3.1999 के दौरान विभिन्न युद्धों एवं काउण्टर इन्सरजेंसी ऑपरेशनों में शहीद सैनिकों एवं स्थायी युद्ध विकलांग सैनिकों के एक आश्रित को सरकारी नौकरी दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

(ग)   शहीदों के परिजनों को विद्युत कनेक्शन- राज्य सरकार द्वारा आदेश जारी कर भारत चीन युद्ध 1962, भारत पाक युद्ध 1965 एवं 1971, श्रीलंका, ओपरेशन मेघदूत, ब्लयू स्टार एवं विभिन्न काउण्टर इन्सरजेंसी ओपरेशनों में शहीद हुए सैनिकों के आश्रितों को कृषि कार्यो हेतु विद्युत कनेक्शन आउट ऑफ टर्न दिए जाने का प्रावधान किया गया है। जिन युद्ध विधवाओं के स्वयं के नाम पर कृषि भूमि नही है तो शहीद के पिता के नाम की भूमि पर विद्युत कनेक्शन जारी किया जावेगा।

3.    1.4.99 (कारगिल युद्ध) के पश्चात विभिन्न ऑपरेशनों में शहीद होने वाले सैनिकों / अर्द्ध सैनिक बलों के कार्मिकों के परिजनों एवं स्थायी विकलांग सैनिकों हेतु राज्य सरकार द्वारा कारगिल पैकेज जारी किया गया है। इस सुविधा के लिए यूनिट की बैटल कैजुअलिटी सर्टिफिकेट बैटल कैजुअलिटी रिपोर्ट / इन्क्वायरी रिपोर्ट जिसमें मृतक को शहीद घोषित किया है, आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना अति अनिवार्य है।

4.    द्वितीय विश्व युद्ध (1939-45) के पूर्व सैनिक / विधवाओं को जिन्हें किसी भी अन्य स्रोत से कोई पेंशन / सहायता नही मिल रही है, को राज्य सरकार द्वारा 4000 रूपये प्रतिमाह की पेंशन दिये जाने का प्रावधान है। यह पेंशन बैंक के माध्यम से लाभार्थी के खाते में प्रतिमाह दिये जाने की सुविधा है।

5.    31.3.99 से पूर्व विभिन्न युद्धों एवं काउन्टर इन्सरजेंसी ऑपरेशनों में शहीद हुए सैनिकों की विधवाओं को राज्य सरकार द्वारा 600 रूपये प्रतिमाह एवं मुख्य मंत्री सहायता कोष से 900 रूपये प्रतिमाह सम्मान भत्ता दिये जाने का प्रावधान है। उक्त सम्मान भत्ता अविवाहित शहीदों के माता-पिता को भी देय हेै। सम्मान भत्ता बैंक के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में हर माह दिए जाने का प्रावधान है। लाभार्थियों की मृत्यु के पश्चात यह राशि पुनः मुख्य मंत्री सहायता कोष में वापिस कर दी जावेगी।

आवेदन का तरीका

द्वितीय विश्व युद्ध की पेंशन व सम्मान भत्ते के लिए संबंधित जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में आवेदन करने पर स्वीकृत किया जाता है।

पूर्व सैनिकों की 1000 प्रतिभावान छात्राओं को माध्यमिक शिक्षा स्तर पर 100 रूपये एवं कालेज स्तर पर 150 रूपये प्रतिमाह निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर एवं निदेशक कॉलेज शिक्षा, राजस्थान, जयपुर द्वारा छात्रवृत्ति दिये जाने का प्रावधान है।

 

5.3 शैक्षणिक सुविधायें (Top)

 

भारत-चीन युद्ध 1962, भारत-पाक युद्ध 1965 एवं 1971 में शहीद हुए सैनिकों के बच्चों को सभी स्तर की निःशुल्क शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध थी इसके अतिरिक्त निम्नानुसार छात्रवृत्ति का भी प्रावधान था -

स्कूल स्तर पर

डे स्कोलर के लिए 200 रूपये सालाना

बार्डर स्टूडेंट को 400 रूपये सालाना

कॉलेज स्तर पर

डे स्कोलर के लिए 400 रूपये सालाना

बार्डर स्टूडेंट को 800 रूपये सालाना

 

1.4.99 के पश्चात विभिन्न ऑपरेशनों में शहीद सैनिकों एवं अर्द्ध सैनिक बलों के कार्मिकों के बच्चों के लिए सभी स्तर की निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त निम्नानुसार छात्रवृत्ति स्वीकृत की जाती है :-

स्कूल स्तर पर

1800 रूपये सालाना

कॉलेज स्तर पर (तकनीकी शिक्षा सहित)

3600 रूपये सालाना

निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन पत्र भरकर संबंधित जिला सैनिक कल्याण कार्यालय को प्रस्तुत किया जा सकता है जो जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से निदेशक, शिक्षा विभाग को प्रेषित किए जाते हैं।

पूर्व सैनिकों के बच्चों हेतु राज्य में निम्नानुसार सीटों का आरक्षण किया हुआ है -

मेडिकल कॉलेज में

3 सीट

इंजिनियरिंग कॉलेजों में पूर्व सैनिकों के बच्चो हेतु

107 सीट

युद्ध शहीदों के बच्चों हेतु

95 सीट

पोलीटेक्निक कॉलेजों में

5 प्रतिशत

आई टी आई में

2 सीट प्रत्येक आई टी आई में

बी एड ट्रेनिंग हेतु

5 प्रतिशत सीट

अन्य सुविधायें

औद्योगिक भूखण्डों में आरक्षण

2 प्रतिशत

लवण क्षेत्रों में भूखण्डों का आरक्षण

10 प्रतिशत

खान एवं खनिज क्षेत्रों में आरक्षण

10 प्रतिशत

नेशनल परमिट में आरक्षण

10 प्रतिशत

नगर विकास न्यास/ नगर पालिकाओं में आवासीय भूखण्डों का आरक्षण

10 प्रतिशत

निर्मित मकानों (आवासन मण्डल) में आरक्षण

2 प्रतिशत

  • मिल्क वेण्डिग बूथों के लिए आवंटन में प्राथमिकता
  • उचित मूल्य की दुकानें वरियता के आधार पर आवंटन
  • ग्राम पंचायतों में आवासीय भूखण्डों के आवंटन में प्राथमिकता
  • पूर्व सैनिक, विधवाओं एवं उनकी अवयस्क संतानों को, जो आयकर नही देते हैं, उन्हें गृह कर में छूट प्रदान करने का प्रावधान ।
  • उपखण्ड स्तर पर उपखण्ड अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया हुआ है,
  • जो जिला स्तरीय समस्याओं का निराकरण करती है।
  • पूर्व सैनिकों की कृषि भूमि पर यदि किसी ने नाजायज कब्जा किया हुआ है तो उसे बेदखल कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से समस्त जिला कलक्टरों को निर्देश प्रदान किये गये हैं।

वीरता पदक प्राप्तकर्ताओं को आयकर में छूट

भारत सरकार (वित्त मंत्रालय) के आदेश संख्या एस.ओ.1048(ई) दिनांक 24.11.2000 के अन्तर्गत परमवीर चक्र, महावीर चक्र, अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, वीर वक्र, शौर्य चक्र एवं सेना / नौ सेना / वायु सेना मेडल अलंकरण विजेताओं / उनकी विधवाओं को प्राप्त पेंशन पर आयकर में छूट प्रदान की गई है।

 

5.4 इंदिरा गॉंधी नहर परियोजना क्षेत्र में भूमि आवंटन (Top)

जिन गौरव सेनानियों ने वर्ष 1983 में इंदिरा गॉंधी नहर परियोजना क्षेत्र में भूमि आवंटन हेतु आवेदन किया था, उन सभी पात्र आवेदकों को राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2006 में भूमि आवंटन कर दिया गया है। उपनिवेशन विभाग में अभी भूमि आवंटन का मामला शेष नही है। भूमि आवंटन होने की अवधि में जिन गौरव सेनानियों की मृत्यु हो गई है, उस भूमि का स्थानान्तरण उसके आश्रित को करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के पास विचाराधीन है।

 

5.5 युद्ध विधवा छात्रावास एवं पुनर्वास केन्द्र, जयपुर (Top)

युद्ध विधवा छात्रावास एवं पुनर्वास केन्द्र, जयपुर दिनांक 01 अगस्त 2006 से प्रारम्भ हो गया है। यह आवास समस्या का हल नही है वरन्‌ वीरांगनाओं को स्वावलम्बी बनाना एक लक्ष्य रखा गया है। इसमें 33 वीरांगनाओं के लिए आवासीय फ्लैट व 200 आश्रितों के लिए छात्रावास की सुविधा है। विस्तृत जानकारी के लिए नजदीक के जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से सम्पर्क करें व आवेदन कर इस सुविधा का पूर्ण लाभ उठावें।

इसी प्रकार सीकर एवं झुन्झुनू में युद्ध विधवा छात्रावास एवं पुनर्वास केन्द्रों का निर्माण करवाया गया है तथा जोधपुर में निर्माण कार्य चल रहा है।  

5.6 कोटा जिले में कोचिंग हेतु छात्रावास की व्यवस्था (Top)

राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों के बच्चों को विभिन्न कोचिंग संस्थानों में कोचिंग प्राप्त करने के लिए अस्थाई आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्धेश्य से छात्रावास का निर्माण करवाया गया है। 

5.7 गौरव सेनानियों की रैलियॉं (Top)

सेना के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा दो वर्ष में एक बार प्रत्येक जिले में गौरव सेनानियों के लिए रैली आयोजित करने का प्रावधान है। सभी गौरव सेनानियों से अनुरोध किया जाता है कि वे स्वयं रैलियों में सम्मिलित होवें एवं अपने साथियों से मिलें तथा सरकार द्वारा जारी की गई कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।

5.8 गृह कर में छूट (Top)

जो भूतपूर्व सैनिक आयकर नही देते हैं एवं स्वयं का मकान किराये पर नही देकर स्वयं उस मकान में रहते हैं, उन्हें राज्य सरकार द्वारा गृह कर में छूट प्रदान की गई है।

5.9 गैलेण्ट्री अवार्ड को सुविधायें (Top)

1-   परमवीर चक्र, अशोक चक्र, सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल, परम विशिष्ट सेवा मेडल, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, उत्त्म सेवा मेडल, अति विशिष्ठ सेवा मेडल आदि धारकों को राजस्थान स्थित विश्राम भवनों में ठहरने पर इनसे राज्य के सेवानिवृत्त अधिकारियों की भांति देय दर एवं निर्धारित अवधि तक आवास एव भोजन आदि की सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। (आदेश सामान्य प्रशासन ग्रुप 5 राजस्थान जयपुर का आदेश क्रमांक प0 1(17)साप्र/5/95 दिनांक 6.1.99)

2-   सभी गैलेण्ट्री अवार्ड धारकों को दूरसंचार विभाग द्वारा टेलीफोन किराये में 50 प्रतिशत तथा युद्ध विधवाओं व गैलेण्ट्री अवार्ड धारकों को टेलीफोन इन्स्टालेशन चार्जेज में शत प्रतिशत छूट का प्रावधान है।

3-   गैलेण्ट्री अवार्ड धारकों को इंडियन एयर लाइन्स में हवाई सेवा किराये में 75 प्रतिशत छूट का प्रावधान हैं

रेल्वे द्वारा प्रायोजित रेलों में सभी चक्र सीरिज धारकों को प्रथम श्रेणी / द्धितीय श्रेणी एसी स्लीपर में कम्पलीमेंटरी कार्ड पास का प्रावधान है।

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